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यूक्रेन में फंसी यूपी की वैशाली की खुल गई पोल, ग्राम प्रधान रहते विदेश में MBBS की पढाई कैसे ?

दोस्तों सभी जगह  रूस और युक्रेन के बीच हो रहे युद्ध के ही चर्चे है .रूस युक्रेन के ऊपर हावी होता दिखाई दे  रहा है . ऐसे में युक्रेन में फंसे हुए हुए भारतीय छात्रों की  चिंता और परेशानी और भी ज्यादा बढती जा रही है .भारत सरकार उन छात्रों को जल्दी से युक्रेन से बाहर निकालने की कोशिश कर रहा है . यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र सोशल मीडिया के द्वारा वीडियो बनाकर लगातार  मदद की गुहार लगा रहे हैं और उन्हें वंहा किन किन परिस्थियों का सामना करना पड  रहा है  इस बारे में भी  बताते हुए नज़र आ रहे . ऐसे में सोशल मिडिया पर एक  लड़की का विडियो  काफी वायरल हो रहा है जो भारत सरकार से मदद की गुहार लगा रही है . लेकिन इस वीडियो के जरिये मदद मांग कर लड़की खुद ही बुरी तरह फंस गयी .क्या है  पूरा मामला जानने के लिए खबर को  अंत तक पढ़े .

जिसमें यूक्रेन में फंसी एक भारतीय मेडिकल छात्रा इंडियन एंबेसी से मदद की गुहार लगा रही है। सोचने वाली बात यह है कि यह छात्रा उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की निवासी होने के साथ-साथ हरदोई (Hardoi) जिले के अंतर्गत आने वाले एक गांव की प्रधान भी है। वी़डियो के वायरल होने के बाद जांच एजेंसियों ने छात्रा को लेकर जांच-पड़ताल करना शुरू कर दी है।छात्रा का नाम वैशाली है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की रहने वाली है। जो वर्तमान में प्रधान पद पर कार्यरत है। वैशाली पिछले साल ग्राम पंचायत चुनाव में गांव आई थी और ग्राम प्रधान का चुनाव लड़कर चयनित भी हुई। छात्रा के पिता पूर्व ब्लाक प्रमुख महेंद्र यादव हैं, जो समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं।

वायरल वी़डियो में वैशाली इंडियन एंबेसी से सहायता की गुहार लगाती नजर आई जिसके बाद जांच एजेंसियों ने इसकी पड़ताल करना शुरू कर दिया। यह विचारणीय है कि आखिर प्रदान पद पर तैनात होने के साथ छात्रा पढ़ाई करने यूक्रेन कैसे पहुंच गई। हरदोई जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष मीरा अग्रवाल ने बताया कि छात्रा प्रदेश( Uttar Pradesh) के हरदोई जिले के अंतर्गत आने वाले सांडी ब्लाक के तेरापुरसेलीं गांव से प्रधान है।

हरदोई की मुख्य विकास अधिकारी-Chief Development Officer (CDO) आकांक्षा राणा के मुताबिक, वैशाली नाम की यह छात्रा एमबीबीएस-MBBS की पढ़ाई करने यूक्रेन गई थी जो वर्तमान में प्रधान के पद पर कार्यरत है। पिछले साल ग्राम पंचायत चुनाव में जीतकर वैशाली वापस यूक्रेन चली गई। वह यूक्रेन में खार्कीव में मौजूद एक मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने गई थी। सीडीओं आगे बताती हैं कि फिलहाल जांच जारी है कि वह यूक्रेन कैसे पहुंची। प्रधान वैशाली के खाते को भी जांचकर सीज कर दिया गया है।

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