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16 मई को होगा साल का पहला चन्द्र ग्रहण,इन मंत्रो का जाप करने से पाए रोग और शत्रु से मुक्ति

दोस्तों जैसा कि आपको पता है समय समय पर ग्रहण लगते रहते है .साल 2022 का पहला चंद्र ग्रहण 16 मई को बुद्ध पूर्णिमा 2022 के दिन लगने जा रहा है . चन्द्रमा और सूर्य के बीच में धरती के आने के बाद जब धरती की पूर्ण या आंशिक छाया चांद पर पड़ती है तो उसे चन्द्र ग्रहण कहते है .जैसे सूर्य ग्रहण को हम सीधा नही देख सकते  उसे देखने  के लिए चश्मे की जरूरत पड़ती है .लेकिन  चन्द्र ग्रहण में ऐसा बिलकुल नही होता .आप चन्द्र ग्रहण को देख सकते है . सूर्य ग्रहण  की तरह कुछ भागो में चन्द्र ग्रहण को भी अशुभ माना जाता है .

शास्त्रों में ग्रहण काल को शुभ नहीं माना गया है. मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य और चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा, राहु और केतु द्वारा सताए जाते हैं और इनकी शक्ति कमजोर पड़ जाती है. इस दौरान राहु इन्हें अपना ग्रास बना लेता है. ग्रहण समाप्त होने तक पूजा पाठ की मनाही होती है, लेकिन ग्रहण के दौरान पीड़ित ग्रह की शक्ति बढ़ाने के लिए मानसिक रूप से किए गए मंत्र जाप का विशेष महत्व बताया गया है.ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र की मानें तो ग्रहण काल के दौरान किए गए किसी भी मंत्र के जाप का कई गुना प्रभाव बढ़ जाता है. इसलिए बहुत से लोग ग्रहण काल में खासतौर पर मंत्रों का जाप करके उसे सिद्ध कर लेते हैं. सिद्ध मंत्र आपके जीवन के लिए काफी फलदायी साबित होते हैं. अगर आप भी किसी समस्या का समाधान ढूंढ रहे हैं, तो चंद्र ग्रहण के दौरान मंत्र का जाप करके उसे सिद्ध कर सकते हैं. भारतीय समयानुसार चंद्र ग्रहण की शुरुआत 16 मई सोमवार की सुबह 07:59 बजे होगी और ये 10:23 बजे समाप्त होगा.

समस्या के हिसाब से करें मंत्र को सिद्ध

धन प्राप्ति के लिए

आर्थिक परेशानियों को दूर करना चाहते हैं तो ‘ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं ॐ स्वाहा’ मंत्र का जाप करें. नौकरी में प्रमोशन और व्यापार में मुनाफे के लिए ‘ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:’ मंत्र का जाप करें. वाक सिद्धि के लिए ‘ॐ ह्लीं दुं दुर्गाय: नम:’ मंत्र का जाप करें. आप जिस माला से मंत्र का जाप कर रहे हैं, रोजाना उसी माला से इस जाप को करते रहें. इससे आपकी समस्याएं काफी कम होंगी.

बीमारी से छुटकारे के लिए

परिवार में अगर कोई शख्स बीमार रहता है, तो उसे ग्रहण काल में महामृत्युंजय मंत्र का मानसिक जाप करना चाहिए. अगर वो सक्षम नहीं है, तो कोई अन्य व्यक्ति उसके लिए जाप कर सकता है. इस जाप को रुद्राक्ष की माला से करें. इसके बाद रोजाना इसी तरह कम से कम एक माला जाप तो जरूर करें. धीरे धीरे असहाय कष्ट भी कम होने लगेगा.

शत्रुओं से छुटकारे के लिए

अगर आपके शत्रु बढ़ गए हैं और आप शत्रुओं पर विजय प्राप्त करना चाहते हैं तो मां बगुलामुखी के मंत्र ‘ॐ ह्लीं बगलामुखी देव्यै सर्व दुष्टानाम वाचं मुखं पदम् स्तम्भय जिह्वाम कीलय-कीलय बुद्धिम विनाशाय ह्लीं ॐ नम:’ का जाप करें. अगर किसी कचहरी में मुकदमा आपके खिलाफ चल रहा है तो जीत के लिए ‘ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्ववां कीलय बुद्धि विनाशय ह्लीं ओम् स्वाहा’ मंत्र का जाप करें.

किसी विशेष कामना की पूर्ति के लिए

अगर आप किसी विशेष कामना की पूर्ति चाहते हैं तो ‘ॐ नम: शिवाय’ मंत्र का जाप रुद्राक्ष की माला से करें. आप चाहें तो किसी अन्य मंत्र को भी सिद्ध कर सकते हैं. इससे कुछ ही समय में आपकी कामना पूरी हो सकती है.

ज्योतिषाचार्य की राय

ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र का कहना है कि किसी भी जाप को पूरी निष्ठा और विश्वास से करना चाहिए. आपकी सफलता और आपकी अफलता, दोनों ही विश्वास पर निर्भर करती हैं. बगैर मन और श्रद्धा के किया गया काम कभी सफल नहीं होता. इसलिए आप जिस मंत्र को सिद्ध कर रहे हैं, उस देवी या देवता को याद करें और अपनी कामना पूरी करने की उनसे प्रार्थना करें. इसके बाद मंत्र का पूरी श्रद्धा के साथ जाप करें. ग्रहण काल के बाद उस माला को संभालकर रख लें और नियमित रूप से उस माला से जाप करें. इससे जल्द ही आपको परिणाम मिलने लगेंगे. लेकिन कभी भी किसी मंत्र का दुरुपयोग न करें, अगर आप इसकी शक्ति का गलत इस्तेमाल करेंगे, तो निश्चित रूप से आपको इसका खामियाजा भुगतना होगा.

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