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शूट ख़त्म होने के बाद भी चिल्ला कर कहने लगी शारदा पंडित ‘मेरे लोगों को मत मारो’रो रो कर हो गयी थी बीमार

दोस्तों फिल्म कश्मीर फाइल्स में अभिनय करने वाले सभी कलाकारों ने अपने किरदारों को बखूबी निभाया है . लेकिन इस फिल्म का  एक किरदार इन दिनों काफी सुर्खियों में है . बता दे फिल्म कश्मीर फाइल्स में शारदा पंडित का किरदार निभाने वाली भाषा सुंबली  की चर्चा हर तरफ हो रही है . उन्होंने अपने किरदार को बखुबी निभाते हुए कमाल का अभिनय किया . उनके शानदार अभिनय से इंसान तो क्या मुर्दे के आँखों से भी आंसू  निकल जाए.फिल्म की शूटिंग के दौरान अभिनेत्री किरदार में इस तरह घुस गयी थी मानो उन्हें लग रहा था ये शूटिंग नही हकीकत में उनके साथ हो रहा है .फिल्म की शूटिंग के दौरान इस मामले से जुड़ा एक किस्सा अभिनेत्री ने खुद शेयर किया जानने के लिए लेख को अंत तक जरुर पढ़े .

उन्होंने अपने किरदार से हर किसी को दहला दिया है। वह खुद भी एक कश्मीरी पंडित हैं। उनका पूरा परिवार अब जम्मू आ चुका है। जब कश्मीर से उन्हें निकाला जा रहा था, उस वक्त उनकी उम्र करीब 1 से 2 साल होगी। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि मुझे उस वक्त की घटना याद नहीं है लेकिन शूटिंग में मैंने जो महसूस किया वो मैं अपने जेहन से जिंदगी भर नहीं निकाल सकती। मां बताती हैं कि हमने अपना कश्मीर वाला घर छोड़ दिया है। मुझे गोद में लेकर दिल्ली आ गई थीं। मैं दिल्ली के शरणार्थी शिविर में पली बढ़ी हूं। इसी हादसे में मेरे मामा और मौसी भी चल बसे। वो वहां से निकल नहीं पाए थे। सैंकड़ों लोग तो ऐसे थे जो शिविर की गर्मी बर्दाश्त नहीं कर पाए, और मर गए। फिर हम वहां से फाइनली जम्मू शिफ्ट हो गए।

जब हम फिल्म शूट कर रहे थे तो मैं पूरी तरह से भूल गई थी कि हम शूट कर रहे हैं। यह मेरा दुख है। मैं इस किरदार को हमेशा अपने साथ जिंदी रखूंगी। मैं तो आज भी खुद को शरणार्थी मानती हूं। विवेक सर ने शूटिंग के दौरान कश्मीरी पंडितों को कास्ट किया था। जब शूटिंग में आरी से मुझे काटने वाला सीन फिल्माया जा रहा था उस वक्त मेरी तबीयत बिगड़ गई। मुझे रील और रियल में फर्क ही नजर नहीं आ रहा था। यहां तक कि मेरा बीपी भी लो हो गया था। सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी। सीन पूरा हुआ और मैं एक कोने में बैठ गई। वहीं, दूसरी तरफ दूसरा सीन फिल्माया जा रहा था। जहां एक साथ लोगों को खड़ा करके गोलियों से भूना जा रहा था।

ये सीन देखकर मैं चिल्लाने लगी और बोलने लगी कि मेरे लोगों को मत मारो। ये घाव जेहन में इस कदर बस गया है कि मैं भूल गई थी कि शूटिंग चल रही है। मुझे टीम के लोगों ने  सांत्वना दिया। मैं तीन दिन तक बीमार रही, पैनिक अटैक तक आ रहे थे। किसी से बात नहीं की। तीन से चार दिन के बाद मेरी तबीयत ठीक हुई। इस दर्द ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया, जो शायद ही मेरे जेहन से कभी निकलेगा।

फिल्म में शारदा की भूमिका करके भाषा सुंबली काफी उत्साहित हैं। फिल्म की सफलता से वह काफी खुश हैं। कश्मीर फाइल्स में शारदा पंडित का किरदार करने के बाद अब लोग मुझसे जुड़ने लगे हैं। मुझे कई तरह के मैसेज आ रहे हैं। एक कहता है आप मेरी बेटी हो। एक कहता है सॉरी दीदी हम आपको बचा नहीं पाए। एक कहता है- आपको स्क्रीन में घुसकर बचा लूं। मुझे देश से बहुत प्यार मिल रहा है। उन्होंने बताया कि अब लोग मुझे अपनी स्क्रिप्ट भेज रहे हैं, अब वो डायरेक्टर मेरे साथ काम करना चाहते हैं जिन्होंने कभी मुझे रिजेक्ट किया था।

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