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वसूली के लिए पुलिसवालों ने बाकायदा बना रखी थी लिस्ट,किसी ने कर दी लीक और फिर

दोस्तों देश में बहुत से ऐसे अवैध धंधे होते है जो नही होने चाहिए .लेकिन ऐसे धंधे बिना किसी की मदद के कोई नही कर सकता . आज तक हमने ये सुना था या फिल्मो में देखा है कि गैरकानूनी कामो को करने वालो से कुछ रूपये लेकर उस एरिया की पुलिस उन्हें इन धंधो को करने  की अनुमति देती है . लेकिन आज इस बात का सबूत भी मिल गया है .जो सोशल मिडिया पर काफी वायरल हो रहा है . आज हम आपको वसूली के एक ऐसे मामले के बारे में बताने वाले है .जिसमे पुलिस वालो की वसूली लिस्ट देख कर सभी आश्चर्यचकित हो गये .पूरा मामला जानने  के लिए खबर को अंत तक जरुर पढ़े .

कानपुर पुलिस  का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जाजमऊ पुलिस चौकी की वसूली का कथित पर्चा सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. इस पर्चे में वसूली लिस्ट है, जिसमें बकायदा नाम के साथ किससे कितने रुपए वसूल करने हैं, यह भी लिखा हुआ है. जब कानपुर के वरिष्ठ अधिकारियों तक यह बात पहुंची तो वह भी हैरान रह गए. मामले की तह तक जानने के लिए पुलिस कमिश्नर ने जांच के आदेश दे दिए हैं. सोशल मीडिया (Social Media) पर पर्चा वायरल होने के बाद लोग अपनी प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं.

कानपुर पुलिस की कथित वसूली लिस्ट हुई वायरल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चकेरी थाना क्षेत्र के जाजमऊ चौकी इलाके में कई अवैध काम होते हैं. कथित तौर पर गंगा किनारे कटरी और आस-पास के ग्रामीण इलाके में बड़े पैमाने पर गैरकानूनी काम भी होते हैं. एनबीटी में छपी खबर के मुताबिक, जाजमऊ चौकी के इंचार्ज सुखराम रावत हैं, जिनका नाम सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वसूली लिस्ट में लिखा है. इस लिस्ट में कुल सात नाम लिखे हैं, जहां से पुलिस की वसूली आती है. लिस्ट में लिखे हुए नामों के साथ पैसों का भी विवरण दिया गया है.

थाना इंचार्ज समेत लिखे गए कई लोगों के नाम

सूची में राना रब्बानी, अशफाक और उसके भाई अफजल, निजाम, नसीम पहलवाल, जुबैर आलम, सलीम और बनिया का नाम लिखा गया है. इसके साथ ही आखिर में यह भी लिखा गया कि वसूली में इकट्ठे किए गए पैसे महफूज अख्तर, सउद अख्तर गैंगेस्टर का करीबी फाजिल अशरफ चौकी इंचार्ज को देता है. कानपुर पुलिस के अधिकारियों के पास जैसे ही यह खबर पहुंची तो सभी हरकत में आ गए. फिलहाल, इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं. वहीं, कुछ लोगों का यह भी कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल पर्चा किसी की शरारत है. पुलिस को बदनाम करने के लिए ऐसी शरारत की गई है.

imwithnamo.com इस न्यूज़ की पुष्टि नही करता है ये न्यूज़ विभिन्न मीडिया हाउस में प्रकाशित हुयी है

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