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देसी लड़के के प्यार में पागल होकर मोरक्को छोड़कर इंडिया चली आयी लड़की और फिर

दोस्तों प्यार कि बात करे तो सभी का कहना होगा प्यार  कंही भी कभी हो जाता है .प्यार में  ऊँच -नीच ,जाति  -धर्म , उम्र और देश  कुछ भी मायने नही रखती . प्यार में पड़े हुए लोग अपनी मंजिल पाने के लिए सारी  हदे पार कर जाते है . प्यार में पड़े लोग एक दुसरे के साथ के लिए दुनिया तक छोड़ने को तैयार हो जाते है . लाख इनकार करने के बाद भी सच्चे प्यार करने वालो की जिद के सामने सबको झुकना ही पड़ता है .ये बात साबित भी हो चुकी है आज हम आपको  ऐसी ही प्रेम  कहानी बताने वाले है जिसमे देसी छोरे के प्यार में पड़ी विदेशी लड़की विदेश छोड़ प्यार के लिए आई भारत .

आपको बतादे अफ्रीकी देश मोरक्को की मुस्लिम युवती फादवा लैमाली और ग्वालियर के अविनाश दोहरे ने शादी कर ली. खबरों के अनुसार दोनों के बीच तीन वर्ष पहले फेसबुक पर दोस्ती हुई. उसके बाद दोस्ती प्यार में बदल गई. फादवा ने प्यार के लिए अपना देश छोड़ा तो लड़के अविनाश ने फादवा के पिता को विश्वास दिलाया कि उनकी बेटी का न धर्म बदला जाएगा, न कोई रीत. वो जिस तरह से अपने धर्म का पालन मोरक्को में करती आई है. उसी तरह भारत में भी करेगी. दोनों अपने-अपने धर्म-संस्कृति का पालन करते हुए पति-पत्नी बने रहेंगे.आपको बतादे मोरक्को की रहने वाली24 वर्ष की फादवा लैमाली प्राइवेट कॉलेज में पढ़ती है. सोशल मीडिया पर तीन वर्ष पहले उसकी दोस्ती ग्वालियर के 26 वर्ष के अविनाश दोहरे से हुई. सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती प्यार में बदल गई.लेकिन मजहब को लेकर दोनों चिंता में आ गए.

दोनों ने अपने-अपने परिवार को अपने प्रेम के विषय में बताया. फादवा लैमाली का परिवार पहले काफी नाराज हुआ. लेकिन बाद में बेटी की जिद के आगे उन्होंने हां कहना ही पड़ा.बाद में दोनों के परिवार वाले राजी हो गए. इसके पश्चात फादवा ने अविनाश से शादी के लिए अपने देश मोरक्को से NOC मांगा.फादवा और अविनाश की प्रेम कहानी में मजहब दीवार नहीं बन सका अविनाश दो बार शादी का प्रस्ताव लेकर मोरक्को गया. लेकिन फादवा के पिता अली लैमाली ने शादी के लिए इनकार कर दिया था लेकिन, दोनों इस शादी के लिए अड़ गए तो पिता ने अविनाश से भारत और हिंदू धर्म छोड़कर मोरक्को में बसने को कहा.अविनाश ने फादवा के पिता से कहा कि न तो मैं अपना देश छोडूंगा और न ही अपना धर्म परिवर्तन करूंगा, लेकिन मैं आपकी बेटी का भी धर्म परिवर्तन नहीं कराऊंगा.

उसे अपना धर्म और अपनी परंपराए उसी तरह निभाने की आजादी भारत में भी होगी. जैसे वह मोरक्को में निभाती आई है. अविनाश की बात सुनकर परिवार को यकीन हो गया कि बेटी फादवा के लिए अविनाश अच्छा जीवन साथी साबित होगा.इस सब के पश्चात परिवार ने शादी की मंज़ूरी दे दी.प्राप्त जानकारी के अनुसार सप्ताहभर पहले फादवा ने मोरक्को में अपनी शादी के लिए NOC के लिए आवेदन किया था.कानूनी दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात मोरक्को से अनुमति प्राप्त हुई.इसके पश्चात ग्वालियर की SDM कोर्ट में शादी प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया. बुधवार को प्रेमी जोड़ा एडीएम कोर्ट पहुंचा जहां एडीएम एचबी शर्मा की मौजूदगी में दोनों ने शादी कर ली. आपको बता दें मोरक्को उत्तर अफ्रीका का एक राजशाही देश है. मोरक्को मुस्लिम देश है.वहां की भाषा अरबी है. रबात शहर मोरक्को की राजधानी है. मोरक्को में 99 फीसद आबादी मुस्लिम है.

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