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महज 14 साल की उम्र में हो गयी शादी, 18 की उम्र में बनी दो बच्चो की माँ फिर कड़ी मेहनत से पढ़ाई कर बनी IPSअधिकारी

दोस्तों पहले बहुत कम उम्र में ही बेटियों की शादी करवा दी जाती थी .जिससे बहुत जल्दी ही उनपर घर -गृहस्थी और बच्चो  की जिम्मेदारी आ जाती है और वो अपने बारे में कभी सोच भी नही पाती .वैसे तो लडकियों की शादी की कम से कम उम्र 18 साल है और इसे बढ़ाकर  21 साल किए जाने लेकर इस विषय पर चर्चा की जा रही है .अब देखना है इस पर कब तक निर्णय लिया जायेगा और कितना  इस पर अम्ल किया जायेगा क्योंकि आज भी देश के कुछ हिस्सों में कम उम्र में लडकियों की शादी की जा रही है .यदि आज भी ऐसा होता रहा तो उन लडकियों का भविष्य अँधेरे में नज़र आ रहा है .क्योंकि हर किसी की किस्मत और हिम्मत आईपीएस एन अंबिका जैसी नही होती .जिसने हालातो का सामना कर अपना सपना पूरा कर दिखाया .

तमिलनाडु की एन अंबिका की शादी महज 14 साल की उम्र में कर दी गई थी। पति हवलदार थे। अंबिका 18 साल की उम्र में दो बच्चों की मां बन गईं थीं। फिर 15 अगस्त पर वह अपने पति के साथ सरकारी कार्यक्रम में गईं, जहां उन्होंने देखा कि उनके हवलदार पति आने-जाने वाले सभी अधिकारियों को सलाम कर रहे हैं। यह बात उनको झकझोंर कर रखी दी। अंबिका ने भी पुलिस अधिकारी बनने की ठानी। इन्होंने सबसे पहले एक प्राइवेट कोचिंग से 10वीं की परीक्षा पास की। फिर घर-गृहस्थी संभालते हुए डिस्टेंस से ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई पूरी की।

चेन्नई में सिविल सेवा की तैयारी की ग्रेजुएशन करने के बाद अंबिका चेन्नई आ गईं। यहां इन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी। पति ने भरपूर सहयोग दिया और बच्चों-परिवार की थोड़ी जिम्मेदारी अपने ऊपर ले लिए। चेन्नई में रहकर सिविल सेवा की तैयारी करने के बाद अंबिका ने यूपीएससी की परीक्षा दी। पहली बार फेल। दूसरी परीक्षा में भी फेल। तीसरे प्रयास में भी अंबिका को निराशा हाथ लगी। मगर, इन्होंने हार नहीं मानी और एक बार फिर कोशिश की। पति को कहा कि यह उनका अंतिम प्रयास होगा। चौथे प्रयास में साल 2008 में अंबिका ने यूपीएससी क्रैक कर दिया। आईपीएस अफसर बनकर ही वह अपने गांव-घर लौटीं।

इनका कहना है कि आप 10वीं पास नहीं हैं या 12वीं नहीं कर रखे हैं, यह बहुत ज्यादा मायने नहीं रखता। अगर, आपने सच्चे मन से ठान लिया है कि मुझे यह परीक्षा पास करनी है तो तैयारी कभी भी शुरू की जा सकती है। अंबिका के अनुसार अब तो ऑनलाइन पढ़ाई के इतने साधन हो गए हैं कि परीक्षाओं की तैयारी करना बेहद आसान हो गया है। इनके अनुसार पढ़ाई में निरंतरता बहुत मायना रखता है। आप कितना ज्यादा पढ़ते हैं, उससे कहीं ज्यादा जरूरी है कि आपने जो पढ़ा है, उसकी कितनी गहरी जानकारी है। आप  चीजों को सिर्फ सिलेबस के रूप में न  देखें। ऐसा करने से यूपीएससी क्लियर किया जा सकता है, मगर थोड़ा मुश्किल है। लेकिन इंटरव्यू  पास नहीं होने के  कई कारण  बन जाते  है।

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