free tracking
Breaking News
Home / स्वास्थ्य / काढ़े का अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए होता है हानिकारक

काढ़े का अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए होता है हानिकारक

इम्युनिटी बढ़ाने के लिए और रोगों से बचाव के लिए जो काढ़ा तैयार कर उसका सेवन किया जा रहा है ! उस काढ़े को बनाने के लिए जड़ी -बूटियों और मसालों के सही अनुपात की जानकारी होना अति आवश्यक है ! ऐसा न करने से पेट में जलन और अल्सर की समस्या हो सकती है ! आगरा में ऐसे ही कुछ मामले सामने आये है जिसमे कुछ लोग इस समस्या से परेशान  होकर आयुर्वेदिक चिकत्सको से परामर्श ले रहे है ! पूछ -ताछ करने में चिकित्सको को पता  चला इस परेशानी का कर्ण काढ़े की ओवर डोज है !

चिकित्सको  द्वारा जब पीडितो से पूछा गया इस काढ़े का सेवन दिन में कितनी बार करते है तो उन्होंने बताया दिन में 5-7 बार और 200ग्राम से ज्यादा काढ़े का सेवन करते है ! काढ़े में सभी सामग्री भी अंदाज से ही डाली गयी थी ! आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्साधारी डॉ JK राणा ने बताया कि काढ़ा बनाने के लिए हर जड़ी -बूटी या मसाले की मात्रा 20 ग्राम से ज्यादा नही होनी चाहिए ! सामग्री के गलत अनुपात से बनाये गये काढ़े की गर्म तासीर से पेट में अल्सर ,जलन ,बैचेनी और उबकाई जैसे समस्या उत्पन्न होने लगती है ! सही मात्र और सही अनुपात से बनाये गये काढ़े के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढती है और पेट ठीक रहता है वजन कम होता है स्फूर्ति बनी रहती है !

100 ग्राम आयुष काढ़ा बनाने में ये रखे अनुपात

सौंठ – 20 ग्राम

तुलसी – 20 ग्राम

काली मिर्च – 20 ग्राम

दाल चीनी – 20 ग्राम

हल्दी – 20 ग्राम

आयुष चिकित्सक डॉ लोकेन्द्र प्रताप ने बताया कि 200 मिलीलीटर पानी को ए चौथाई होने तक उबाले फिर गैस बंद करदे ! 50 मिलीलीटर पानी में 10 ग्राम शहद मिलाकर ख़ाली पेट सुबह और शाम ले !

बेलनगंज के रहने वाले दीपक खंडेलवाल ने बताया है कि वे और उनकी पत्नी दिन में पांच से ज्यादा बार काढ़े का सेवन करते थे जिस से उनके पेट में जलन की समस्या होने लगी और खाना निगलने में भी दर्द होता था ! आयुष चिकित्सको ने बताया कि काढ़े का  सही अनुपात और दिन में 2-3 वार ही सेवन ही सेवन करे ! इसके बाद से अब राहत है !

रामबाग के रहने वाले देवेन्द्र कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए नियमित रूप से काढ़े का सेवन कर रहे है ! थर्मस में भर कर दुकान पर लेकर आता हु और सारा दिन इसका सेवन करता रहता हूँ ! लेकिन इससे परेशानी होने लग गयी  पेट के अंदर छाले होगये और दर्द भी होने लगा ! वैध से परामर्श करने पर सही अनुपात पता चला  ! उसके बाद से बहुत आराम है अब दिन में 2-3 बार पीता हूँ !

यदि आपको हमारी ये जानकारी  पसंद आई हो तो लाईक, शेयर व् कमेन्ट जरुर करें !

About Megha

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *