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विधानसभा चुनाव के बाद भी बंगाल में बीजेपी के साथ हो रहा खेला,क्या TMC के संपर्क में 10 से 30 विधायक?

बंगाल में विधानसभा चुनाव मे तो भाजपा के साथ खेला हुआ ही, चुनाव बाद भी खेला हो रहा है. चुनाव से पहले जिस तेजी से भाजपा ने ममता के गढ़ में सेंध लगे थी अब चुनाव के बाद उससे दुगुनी तेजी से ममता भाजपा के खेमे में सेंध लगा रही हैं. हालात ये है कि अपने 77 विधायकों को बचाने में भी भाजपा के पसीने छूट रहे हैं.

चुनाव से पहले TMC के जितने नेता भाजपा की लहर भांप कर दीदी का साथ छोड़ आये थे वो अब दीदी के सत्ता में वापस लौटते ही उनके पास वापस जाने को मचल रहे हैं. इनमे वो नेता भी है जो TMC से भाजपा में आने के बाद भाजपा के टिकट पर चुनाव भी जीत गए. अब भाजपा के सामने बंगाल में अपनी पार्टी और अस्तित्व बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है.

टीएमसी से चार बार की विधायक रहीं और चुनाव के मौके पर बीजेपी में शामिल होने वाली सोनाली गुहा ने तो बाकायदा सार्वजनिक रूप से अपने इस कदम के लिए ममता बनर्जी से माफी मांगी है. उन्होंने तो TMC में वापस जाने के लिए ये तक कह दिया कि जिस तरह मछली पानी के बगैर नहीं रह सकती वैसे ही वो दीदी के बगैर नहीं रह सकतीं.

स्थानीय अख़बारों में तो ये तक कहा जा रहा है कि भाजपा के 10 से 30 विधायक अब TMC के संपर्क में हैं. टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने ये कह कर भाजपा किओ नींद उड़ा दी कि ‘बीजेपी के कम से कम 10 विधायक और तीन-चार सांसद टीएमसी में शामिल होना चाहते हैं लेकिन अभी हमारी तरफ से कोई फैसला नहीं लिया गया है. भाजपा की सबसे बड़ी चिंता मुकुल रॉय को लेकर है. बताया जा रहा है कि बदली हुई परिस्थितियों में मुकुल रॉय भाजपा में सहज महसूस नहीं कर पा रहे हैं.

टीएमसी ने भी उनसे दोस्ती का हाथ बढ़ा दिया है. ममता ने खुद अपने भतीजे अभिषेक बजर्नी को उस वक़्त मुकुल रॉय के पास भेजा जब उनकी पत्नी कोरोना से पीड़ित हो कर अस्पताल में थीं. मुकुल रॉय के बेटे शुभ्रांशु रॉय जो कि बीजेपी के ही टिकट पर चुनाव लड़े थे, ने फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए ममता सरकार की आलोचना करने वालों को नसीहत दे डाली। उन्होंने कहा कि जनता के समर्थन से सत्ता में आई सरकार की आलोचना करने वालों को पहले अपने भीतर झांकना चाहिए.

अगर मुकुल रॉय भाजपा छोड़ कर TMC में लौटे तो भाजपा को बंगाल में बड़ी टूट से कोई नहीं बचा पायेगा और पार्टी एक बार फिर वहीं पहुँच जायेगी जहाँ से उसने अपने बंगाल मिशन की शुरुआत की थी.

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