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पूर्वी यूक्रेन और रूस में हालात हुए बद से बदतर ,होने वाला है महायुद्ध का आगाज

दोस्तों जैसे दो पड़ोसियों में बहुत प्यार होता है वैसे लड़ाई झगड़े भी होते है .बिलकुल ऐसे ही दो देशो के बीच भी होता है कभी कभी दो देशो के के बीच के लड़ाई झगड़े बड़े बड़े महायुद्ध का रूप ले लेते है .दोनों देशो में दुश्मनी  इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि दोनों ही एक दुसरे को तबाह कर फतेह हासिल करना चाहते है .लेकिन इन सब भुगतना सबको पड़ता है . हालही में खबर मिली है इन दिनों यूक्रेन और रूस के बीच भी हालात कुछ ऐसे ही बने हुए है .हालात  इतने बिगड़ चुके है कि कभी भी आरम्भ हो सकता है महायुद्ध . पूरी खबर जानने के लिए खबर को अंत तक पढ़े .

पूर्वी यूक्रेन में काफी तेजी से हालात बिगड़ चुके हैं और रूसी समर्थक विद्रोहियों और यूक्रेन की सेना के बीच हिंसक झड़प हो रहे हैं, जिसके बाद रूस ने यूक्रेन को चेतावनी देते हुए मिसाइलें दागी हैं और ऐसी आशंका है कि, रूस अब यूक्रेन पर हमला करने ही वाला है। पूर्वी यूक्रेन में शनिवार से ही हालात खराब हैं और कई कस्बों में तोप के जरिए गोले दागे गये हैं, जिससे कई इलाके पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं।

तेजी से बढ़ा यूक्रेन पर संघर्ष

रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को पूर्वी यूक्रेन में स्थिति बिगड़ने के बाद हजारों नागरिक अपना अपना घर छोड़कर रूसी सीमा की तरफ भाग रहे हैं, जहां पर शिविरों का निर्माण किया जा रहा है। पूर्वी यूक्रेन में अभी भी गोलीबारी हो रही है और दो यूक्रेनी सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक, नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए बसों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बीच रूस ने चेतावनी देते हुए बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों को दागा है और अमेरिका और पश्चिमी देशों को चेतावनी दी है, कि यूक्रेन पर वो अपने कदम पीछे रखें, नहीं तो किसी भी वक्त हालात बिगड़ सकते हैं।

पूर्वी यूक्रेन में स्थिति खराब

आपको बता दें कि, पूर्वी यूक्रेन में रूसी समर्थक विद्रोहियों का कब्जा है, जिन्होंने बगैर कोई सबूत दिए यूक्रेन की सेना पर गोलीबारी करने का आरोप लगाया है और कहा है कि, यूक्रेन की सेना, पूर्वी यूक्रेन पर बहुत बड़े हमले की योजना बना रही है। रूस समर्थति विद्रोहियों ने कहा है कि, यूक्रेन की सेना के संभावित हमले को देखते हुए इलाके में रहने वाली महिलाएं अपने बच्चों के साथ पूर्वी यूक्रेन को खाली कर सुरक्षित जगहों पर चले जाएं, जिसके बाद बसों में भर-भर के लोग पूर्वी यूक्रेन से भाग रहे हैं।

पश्चिम ने कहा, रूसी सनकपन

हालांकि, पश्चिमी नेताओं ने विद्रोहियों के इस दावे को एक भद्दा मजाक बताया है और कहा है कि, यूक्रेन रूसी सेना से घिरे रहने के दौरान कैसे हमला करेगा? और यूक्रेनी अधिकारियों ने विद्रोहियों के दावे को “एक सनकी रूसी झूठ” के रूप में खारिज कर दिया है। लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका ने जो चेतावनी दी है, वह एक परेशान करने वाला संकेत है। अमेरिका बार बार कह रहा है कि, पूर्वी यूक्रेन से रूस ‘फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन’ शुरू कर सकता है। यानि, पूर्वी यूक्रेन में विद्रोहियों के जरिए इस तरह की स्थिति बनाकर, या विद्रोहियों के जरिए खुद अपनी ही सेना पर हमला करवाकर रूस उसकी जिम्मेदारी यूक्रेन के सिर फोड़ देगा और फिर वो यूक्रेन पर हमला कर देगा। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शुक्रवार को घोषणा की है, कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीरपुतिन ने पहले ही यूक्रेन पर आक्रमण करने का फैसला कर लिया है।

घबराए हुए हैं यूक्रेनी राष्ट्रपति

वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की रूसी आक्रमण की आशंका को देखते हुए बुरी तरह से घबरा गये हैं और उन्होंने जर्मनी के म्यूनिख में यूरोपीयन सिक्योरिटी की बैठक के दौरान पश्चिमी देशों के नेताओं से यूक्रेन की सुरक्षा की गारंटी मांगी है। दूसरी तरफ यूक्रेन के राष्ट्रपति ने रूसी राष्ट्रपति को शांतिपूर्वक बातचीत करने का भी आमंत्रण दिया है। वहीं, अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने संकट को यूरोपीय सुरक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए “एक निर्णायक क्षण” कहा है।
लेकिन इन सबको धता बताते हुए रूसी राष्ट्रपति ने ताबड़तोड़ मिसाइलों का परीक्षण कर डाला। रूसी राष्ट्रपति ने परमाणु-सक्षम मिसाइलों के परीक्षण की अध्यक्षता भी की है और रूस का कहना है कि यूक्रेन के आसपास सैन्य अभ्यास से ज्यादा कुछ नहीं है और रूस पहले आक्रमण नहीं करेगा।

चरम पर अमेरिका-रूस तनाव

शीत युद्ध के बाद रूस और अमेरिका के बीच तनाव काफी कम हो गया था और हालिया वर्षों में दोनों देशों के बीच कई सुरक्षा समझौते भी हुए हैं, जिनमें सबसे प्रमुख समझौता परमाणु हथियारों को खत्म करना शामिल है। लेकिन, शनिवार को रूस ने जिस तरह से एक न्यूक्लियर मिसाइलों के साथ युद्धाभ्यास किया है, उसको लेकर एक्सपर्ट्स का कहना है कि, राष्ट्रपति पुतिन पश्चिमी देशों को संभलने का मौका भी नहीं देना चाहते हैं। म्यूनिख कॉन्फ्रेंस में अमेरिका की उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस ने चेतावनी दी है, कि यदि रूस ने यूक्रेन पर हमला किया, तो संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगी न केवल वित्तीय संस्थानों पर प्रतिबंध लगा देंगे, बल्कि रूस को टेक्नोलॉजी निर्यात को भी रोक देंगे। इसके अलावा अमेरिका ने ये भी कहा है कि, उन देशों पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा, जो इस युद्ध में रूस का साथ देंगे।

रूस अभी भी युद्ध नहीं करने पर कायम

रूस अभी भी दावा कर रहा है कि, वो आक्रमण की शुरूआत नहीं करेगा। रूस का दावा है कि वह अभी भी बातचीत के लिए तैयार है, और वह कूटनीति के रास्ते पर ही काम कर रहा है। लेकिन, रूस के काम उसके शब्दों से मेल नहीं खा रहे हैं। दूसरी तरफ अमेरिका के कहने के बाद भी यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की करीब पांच घंटों के लिए पश्चिमी देशों के नेताओं से मिलने के लिए म्यूनिख पहुंच गये, जबकि अमेरिका ने उन्हें इस वक्त राजधानी कीव से बाहर नहीं जाने के लिए कहा है।

 

पश्चिमी देशों पर भड़के यूक्रेनी राष्ट्रपति वहीं, म्यूनिख में यूक्रेन के राष्ट्रपति यूरोपीय देशों पर भी भड़के हुए नजर आए और उन्होंने कहा कि, “आप किस बात का इंतजार कर रहे हैं?” उन्होंने कहा कि, ”जब हमारे देश की अर्थव्यवस्था का पतन हो जाएगा और जब हमारे देश के कुछ और हिस्सों पर कब्जा कर लिया जाएगा, उसके बाद हम आपके द्वारा लगाए गये प्रतिबंधों को भी लेकर क्या करेंगे”। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया, कि यूक्रेन नाटो में सदस्यता लेना जारी रखेगा, और उन्होने पश्चिमी देशों को इस बारे में ईमानदार नहीं होने के लिए भी दोषी ठहराया कि क्या वह वास्तव में नाटो गठबंधन में यूक्रेन का स्वागत करने के लिए तैयार हैं?पूर्वी यूक्रेन में गोलाबारी तेज इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्वी यूक्रेन में गोलाबारी तेज हो गई है, जहां रूस समर्थित अलगाववादियों ने पिछले कुछ दिनों में सरकारी बलों से लड़ाई तेज कर दी है। वहीं, यूक्रेन के आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि, तोपखाने के जरिए अग्रिम पंक्ति की लड़ाई लड़ी जा रही है। वहीं, आंतरिक मंत्रालय ने यह भी कहा कि, गोलाबारी पिछले दो दिनों के स्तर से लगभग दोगुनी हो गई है।वहीं, यूक्रेनी सेना ने कहा कि क्षेत्र में लड़ाई में दो सैनिक मारे गए और पांच घायल हो गए हैं।

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