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राम मंदिर निर्माण में रोक के लिए कोर्ट में दायर की याचिका

अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर के निर्माण के लिए  भूमि पूजन की तारीख  5 अगस्त रखी गयी है लेकिन इस पर भी कई लोग अपनी टांग अड़ाने से बाज़ नहीं आ रहे है  दरअसल साकेत गोखले  ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक याचिका दर्ज की है कि  5 अगस्त को अयोध्या में होने वाले प्रस्तावित भूमि पूजन पर रोक लगाई जाए ! जिसके लिए 5 अगस्त प्रधानमंत्री मोदी भूमि पूजन के लिए अयोध्या जाने वाले हैं.आपको बता दे कि रोक की इस  मांग की याचिका दायर करने वाले  साकेत गोखले पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी के काफी नजदीकी सम्बन्ध है कई मोको पर दोनों को ही साथ -साथ  कई तस्वीरों में देखा गया है ! राहुल गांधी की कई त्वीट्स को साकेत के द्वारा रि त्वीट् करते हुए देखा गया है !

मिली जानाकारी के अनुसार पता चला है कि साकेत के द्वारा इलाहाबाद हाई कोर्ट में भूमि पूजन रोकने की मांग, राहुल गांधी के कहने पर ही की है ! साकेत ने ZEE NEWS के साथ दिये एक इंटरव्यू में कहा है कि इस समय जहाँ एक तरफ कोरोना वायरस के कारण सोशल डिसटेंसिंग का पालन किया जा रहा है वहीँ भूमि पूजन के लगभग 300 का इकठ्ठा होना उचित नहीं है ! साकेत गोखले ने अयोध्या में भूमि पूजन, कोविड-19 के अनलॉक-2 की गाइडलाइन का उल्लंघन करता है !

यही कारण है कि साकेत ने इलाहवाद कोर्ट में चीफ जस्टिस को लेटर पीआईएल भेजी है. उसने भूमि पूजन को एक बहुत बड़ा खतरा बताते हुए उस पर रोक लगाने की मांग की है ! साकेत ने अपनी याचिका में लिखा है कि भूमि पूजन के समय इतने लोगो के इकट्ठे होने से कोरोना संक्रमण फैलने  की सम्भावना बहुत अधिक बढ़ जायेगी इसलिए यूपी सरकार केंद्र की गाइडलाइन में छूट नहीं दे सकती है.चीफ जस्टिस के द्वारा अभी तक लेटर पिटीशन को सुनवाई के लिए मंजूर नहीं किया गया है ! पिटीशन में राम मंदिर ट्रस्ट के साथ ही केंद्र सरकार को भी पक्षकार बनाया गया है.आपको बता दें कि ZEE NEWS को दिए गए इंटरव्यू के दौरान साकेत गोखले ने कहा है कि वो बीजेपी विरोधी है हालांकि पहले वो खुद को निष्पक्ष बता रहे थे. यहाँ तक कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए भी साकेत गोखले  ने अपशब्दों का प्रयोग भी किया.

 

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